इंग्लैंड ने शारजाह में दक्षिण अफ्रीका को 7 विकेट से हराकर टी20 विश्व कप में बनाई धमाकेदार शुरुआत
दिस॰, 14 2025
जब इंग्लैंड महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका महिला टीम को 7 विकेट से हराया, तो शारजाह के खेल के मैदान पर एक छोटी सी चीख उठी — न सिर्फ इंग्लैंड के खिलाड़ियों की, बल्कि उन लाखों फैन्स की जो दुनिया भर में इस बार टी20 विश्व कप के अनोखे रास्ते को देख रहे थे। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2024 का मैच नंबर 9, शारजाह क्रिकेट स्टेडियम पर 7 अक्टूबर, 2024 को खेला गया, जहां 32°C की गर्मी में भी खेल की गति नहीं रुकी। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन 124 रनों का स्कोर इंग्लैंड के लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं रही।
बल्लेबाजी का बहुत छोटा सा सफर, लेकिन बहुत बड़ा असर
दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 42 रन बनाए, लेकिन उनके बाद कोई बल्लेबाज नहीं आगे बढ़ पाया। उनकी टीम का स्कोर 124/6 रहा, जो शारजाह की धीमी पिच पर एक ट्रैक्टर की तरह चलने वाला स्कोर था। इंग्लैंड की बाएं हाथ की ऑर्थोडॉक्स स्पिनर सोफी मॉड एकलस्टोन ने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 2 विकेट लिए — एक ऐसा प्रदर्शन जिसने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को जमीन पर चिपका दिया। उन्हें मैच का बेस्ट प्लेयर चुना गया, और ऐसा बिल्कुल न्यायसंगत था।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी: शांति और ताकत का मिश्रण
जवाब में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी करते हुए बिल्कुल अलग तरह का अंदाज़ दिखाया। नैट स्किवर-ब्रुंट ने 36 गेंदों में 48* रन बनाए — बिना किसी जल्दबाजी के, बिना किसी गलती के। उनके साथ डैनी व्याट-होज ने 43 रन बनाए, और युवा एलिस कैप्सी ने 16 गेंदों में 19 रन दिए। जब तक उनकी टीम 64/3 पर पहुंची, तब तक लगा जैसे यह मैच उलट जाएगा — लेकिन फिर शांति लौट आई।
मैच का एक अहम पल 4.3 ओवर में आया, जब माया बोचियर को एलबीडब्ल्यू के लिए रिफरल किया गया, लेकिन डिसीजन रिटेन हो गया। यह एक छोटी सी घटना लगी, लेकिन उसके बाद से दक्षिण अफ्रीका की टीम का आत्मविश्वास ढहने लगा।
क्यों यह जीत इतनी बड़ी है?
इंग्लैंड ने अब तक इस टूर्नामेंट में कोई मैच नहीं खोया। यह उनकी 50वीं जीत है — जिसके बाद वे ग्रुप बी में टॉप पर पहुंच गए। दक्षिण अफ्रीका, जिन्होंने पहले दो मैच जीते थे, अब पहली हार का सामना कर रही हैं। यह एक बड़ा मोड़ है। जब आप एक टीम को बिना बड़ी गलती के हरा दें, तो उसके खिलाड़ियों के दिमाग में सवाल उठता है: क्या हम वाकई इतने अच्छे हैं?
शारजाह का मैदान बहुत धीमा है — गेंद जमीन पर रुकती है, स्पिनर्स को फायदा होता है। और इंग्लैंड की टीम ने इसी का बखूबी फायदा उठाया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस टूर्नामेंट में जो टीम धीमी पिच पर सबसे ज्यादा एडेप्ट होगी, वही फाइनल में पहुंचेगी।
क्या अब दक्षिण अफ्रीका का सफर खत्म हो गया?
नहीं। लेकिन अब उनके लिए रास्ता कठिन हो गया है। उन्हें अगले दो मैचों में जीत की जरूरत है — और उनमें से एक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ है। जब आप एक बार हार जाते हैं, तो दबाव बढ़ जाता है। दक्षिण अफ्रीका के लिए अब एक नई चुनौती है: क्या वे अपनी टीम को फिर से जोड़ सकते हैं?
इंग्लैंड के लिए अगला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगा — जो इस टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा जीत वाली टीम है। लेकिन अगर इंग्लैंड इसी तरह खेलती रही, तो उनकी टीम फाइनल तक पहुंचने के लिए बहुत बेहतर स्थिति में है।
पिछले रिकॉर्ड्स और अब का मौका
इंग्लैंड महिला टीम पिछले टी20 विश्व कप में फाइनल में पहुंची थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार गई थी। अब वे उसी रास्ते पर वापस आ रही हैं। इस बार उनकी टीम में एक नई ऊर्जा है — युवा खिलाड़ियों के साथ अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण।
शारजाह क्रिकेट स्टेडियम, जो 16,000 लोगों को समेट सकता है, इस टूर्नामेंट का एक अहम मैदान रहा है। यहां पहले भी कई बड़े मैच हुए हैं — लेकिन आज का मैच अलग था। यह एक टीम की आत्मविश्वास की कहानी थी।
अगला क्या?
8 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच मैच होगा — जिसका नतीजा ग्रुप बी के अंतिम स्थिति को तय करेगा। इंग्लैंड के लिए अगला मैच 10 अक्टूबर को होगा, और अगर वे वहां भी जीत जाती हैं, तो वे सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंग्लैंड महिला टीम की यह जीत किस तरह उनके विश्व कप के रास्ते को बदल देती है?
इंग्लैंड अब ग्रुप बी में टॉप पर है, और उनकी जीत का रिकॉर्ड 3-0 हो गया है। अगर वे अगले दो मैच भी जीत जाती हैं, तो वे सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएंगी। यह उनके लिए एक बड़ा फायदा है, क्योंकि टूर्नामेंट के अंतिम चरण में थकान कम होगी।
सोफी एकलस्टोन का प्रदर्शन क्यों इतना खास था?
एकलस्टोन ने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन दिए और 2 विकेट लिए — यानी उनकी ओवर रेट सिर्फ 3.75 थी। शारजाह की धीमी पिच पर ऐसा प्रदर्शन बहुत दुर्लभ है। उन्होंने बल्लेबाजों को बाहर करने के बजाय उन्हें अंदर ही फंसा दिया, जिससे दक्षिण अफ्रीका की टीम बिना बड़े स्कोर के बाहर आ गई।
दक्षिण अफ्रीका के लिए अब क्या बेहतरीन रास्ता है?
उन्हें अगले दो मैच जीतने होंगे — ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ। अगर वे इन दोनों में जीत जाती हैं, तो वे अभी भी सेमीफाइनल में पहुंच सकती हैं। लेकिन उनकी बल्लेबाजी अब बहुत अस्थिर लग रही है — उन्हें शुरुआती ओवरों में अधिक रन बनाने की जरूरत है।
शारजाह का मैदान इस टूर्नामेंट में कैसा प्रभाव डाल रहा है?
शारजाह की पिच धीमी है और स्पिनर्स के लिए बहुत फायदेमंद है। इस वजह से जिन टीमों के पास मजबूत स्पिन बॉलिंग है, वे आगे निकल रही हैं। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें इस बात को समझ चुकी हैं — और उनकी टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो इस तरह की पिच पर अपना बेहतरीन खेल दिखा सकते हैं।
इंग्लैंड के लिए अगला बड़ा चुनौती कौन है?
अगला बड़ा चुनौती ऑस्ट्रेलिया है — जो इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है। ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी बहुत तेज है और उनकी गेंदबाजी भी बहुत ताकतवर। इंग्लैंड को अपनी धीमी बल्लेबाजी को बनाए रखना होगा, और उनके लिए यह टेस्ट होगा कि क्या वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी इतना ही शांत रह सकते हैं।
क्या इंग्लैंड इस बार विश्व कप जीत सकती है?
हां, बिल्कुल। उनकी टीम में अनुभव, युवा ऊर्जा और बुद्धिमानी का बेहतरीन मिश्रण है। अगर वे अपनी बल्लेबाजी को लगातार बनाए रखें और स्पिनर्स लगातार विकेट लेते रहें, तो वे फाइनल में पहुंच सकती हैं। यह टीम अब सिर्फ जीत नहीं, बल्कि जीत के तरीके को भी बदल रही है।
Vishala Vemulapadu
दिसंबर 15, 2025 AT 04:52इंग्लैंड की स्पिन बॉलिंग अब टी20 में एक नया रणनीति बन गई है। धीमी पिच पर स्पिनर्स का एंगल, लैंडिंग पॉइंट, और वेरिएशन जो एकलस्टोन ने दिखाया, वो एक डेटा-ड्रिवन एप्रोच का नतीजा है। उनकी ओवर रेट 3.75 थी - ये आधुनिक क्रिकेट में बेहद दुर्लभ है। अब टीम्स को बल्लेबाजी के लिए भी एडेप्टेबल स्ट्रैटेजी बनानी होगी, न कि सिर्फ एक्सप्लोसिव शॉट्स का भरोसा।
M Ganesan
दिसंबर 16, 2025 AT 05:01ये सब बकवास है। इंग्लैंड ने बस एक बार अच्छा खेला है। ये सब डिसीजन रिटेन वाला मामला भी फिक्स किया गया था। आईसीसी और बीबीसी के बीच कनेक्शन है - ये सब टीवी रेटिंग्स के लिए बनाया गया नाटक है। दक्षिण अफ्रीका को बर्बाद करने के लिए जानबूझकर रेफरी ने गलत फैसला दिया। ये टूर्नामेंट फर्जी है।
ankur Rawat
दिसंबर 18, 2025 AT 02:33मैंने इस मैच को देखा था और दिल दहल गया। नैट ने जिस तरह से बल्ला चलाया, वो बिल्कुल एक बॉलर के दिमाग को खाली कर देता था। एलिस कैप्सी की आंखों में वो जुनून था जो बस युवा खिलाड़ियों में होता है। अगर ये टीम इसी तरह चलती रही, तो ये टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। कोई नया युग शुरू हो रहा है।
Vraj Shah
दिसंबर 18, 2025 AT 22:39बहुत अच्छा खेला गया! एकलस्टोन ने तो बस गेंद को धीरे से घुमाया और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज अपने आप ही आउट हो गए। इंग्लैंड की टीम अब बस बैलेंस बनाए रख रही है - जल्दबाजी नहीं, बस धैर्य। ये वाकई अच्छा लग रहा है। अगला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ है, उनकी बल्लेबाजी तो बहुत तेज है, लेकिन अगर इंग्लैंड यही तरीका अपनाए, तो वो भी रोक सकती है।
Kumar Deepak
दिसंबर 20, 2025 AT 05:09अरे भाई, ये इंग्लैंड की टीम तो अब बिल्कुल ब्रिटिश ब्यूरोक्रेसी की तरह खेल रही है - एक फॉर्म भरकर बैठ जाती है, फिर धीरे-धीरे सब कुछ ठीक कर लेती है। दक्षिण अफ्रीका तो बस एक बार बाहर आ गई और उनका दिमाग चला गया। अब ये टीम जिस तरह से दबाव में खेल रही है, वो एक भारतीय अधिकारी के जैसी है - बिना घबराए, बिना चिल्लाए, बस धीरे से नियमों का पालन करते हुए जीत लेती है।
Ganesh Dhenu
दिसंबर 20, 2025 AT 08:27शारजाह की पिच पर ये खेल बहुत सही लगा। गेंद जमीन पर रुकती है, और जो टीम इसे समझती है, वही आगे बढ़ती है। इंग्लैंड की टीम ने यही समझा। बाकी सब बस शो कर रहे थे।
Shraddhaa Dwivedi
दिसंबर 21, 2025 AT 04:57मैंने इस टीम को लगातार देखा है। ये युवा खिलाड़ी जैसे एलिस कैप्सी अभी बहुत नए हैं, लेकिन उनका अंदाज़ बहुत पुराना है - जैसे कोई बूढ़े खिलाड़ी का खेल देख रहा हो। ये टीम न सिर्फ जीत रही है, बल्कि खेल को बचा रही है। इस तरह की टीम को देखकर लगता है कि क्रिकेट अभी भी जिंदा है।
Govind Vishwakarma
दिसंबर 22, 2025 AT 00:59एकलस्टोन ने 2 विकेट लिए तो बस इतना ही? दक्षिण अफ्रीका के 124 रन तो बहुत कम थे। इंग्लैंड की बल्लेबाजी में कोई बड़ा शॉट नहीं था। ये टीम बस बच गई। जब तक ऑस्ट्रेलिया नहीं आता, ये सब बकवास है।
Jamal Baksh
दिसंबर 22, 2025 AT 06:40इस मैच के माध्यम से एक नए युग का उदय हुआ है। इंग्लैंड महिला टीम ने न केवल एक खेल की जीत हासिल की, बल्कि एक नवीन खेल दर्शन का निर्माण किया है। यह धैर्य, योजनाबद्धता और टीम चेन की अद्भुत समन्वयता का प्रतीक है। यह जीत केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि एक शिक्षा है।
Rakesh Pandey
दिसंबर 23, 2025 AT 00:19इंग्लैंड ने बस अपना काम किया। दक्षिण अफ्रीका ने जो बल्लेबाजी की वो बहुत बुरी थी। अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ देखना होगा। अगर वो भी इतनी शांति से खेल जाएं तो फाइनल तक पहुंच सकती हैं।
aneet dhoka
दिसंबर 24, 2025 AT 05:33ये सब एक बड़ा जाल है। शारजाह की पिच तो तैयार कर दी गई थी। एकलस्टोन के विकेट भी फर्जी हैं। ये सब अमेरिका के लिए बनाया गया नाटक है - ताकि लोग इस टूर्नामेंट को देखें और टीवी चैनल्स के शेयर्स बढ़ें। दक्षिण अफ्रीका को बर्बाद करने के लिए एक बड़ा प्लान बनाया गया है। आप सब जाग जाओ।
Harsh Gujarathi
दिसंबर 25, 2025 AT 06:25वाह यार 🤩 इंग्लैंड ने तो बस खेल को अपने तरीके से जीत लिया। एकलस्टोन का प्रदर्शन तो बिल्कुल बाबू जी की तरह था - बिना चिल्लाए, बिना दिखाए, बस धीरे से जीत लेना। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी ऐसा ही कर देना चाहिए 😎
Krishnendu Nath
दिसंबर 25, 2025 AT 11:52अगर इंग्लैंड अगले मैच में ऑस्ट्रेलिया को हरा देती है तो ये टीम इतिहास बना देगी। ये बस जीत नहीं, बल्कि एक नई परंपरा बना रही है। युवा खिलाड़ियों को अनुभवी लोगों ने समझाया - जल्दबाजी में गलती होती है। ये टीम असली है।