हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ

क्या आप जानते है, की सबसे पहले हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया था और कब किया था। अगर नहीं तो आज आपको इस लेख में हेलीकाप्टर से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने वाली है। आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे है, इसका मतलब आपके मन में जरूर यह सवाल आया होगा की हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया।

 

आपको बता दें, की ऐरोप्लेन के बाद हेलीकाप्टर ही ऐसी दूसरी चीज है, जो सामान्य लोगो को हवाई सफर करा सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योकिं आसमान में सेना के लड़ाकू विमान भी उड़ते है, लेकिन वह सामान्य लोगो के लिए नहीं होते है। जब भी आप अपने घर के ऊपर से हेलीकाप्टर गुजरता देखते है, तो कभी ना कभी आपने जरूर सोचा होगा की आखिर इसकी खोज किसने की है।

अगर आप एक छात्र है, तो आपसे आपके स्कूल में भी कभी ना कभी जरूर पूछा गया होगा, की हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया था उसका नाम बताइए। अगर आपको पता होगा तो आपने बता दिया होगा, लेकिन नहीं पता तो आज आपको इससे सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने वाली है। तो आइये जानते है, हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया था –

सबसे पहले हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया था

 

सबसे पहले हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया था यह जानने से पहले थोड़ी सी सामान्य जानकारी जान लेते है। अगर हम आज से लगभग 100 या 200 साल पहले बात करें, तो उस समय पर आसमान में उड़ना एक सपने जैसा था। लेकिन वर्तमान समय में आसमान में घूमना एक सामान्य बात हो गयी है। बड़े बड़े नेता और अभिनता तथा बिज़नेस मैन आज के समय में अपने खुद के Helicopter से जाते है। इसके अलावा Helicopter का सबसे बड़ा फायदा यह भी है, की रास्ते में पड़ने वाले दुर्गम इलाको से आसानी से बचा जा सकता है। तो आइये अब जानते है, की हेलीकाप्टर का आविष्कार किसने किया था।

हेलीकॉप्टर का आविष्कार किसने किया था (Who Invented Helicopter in Hindi) 

duniya ka sabse pehla helicopter kisne banaya

 

दुनिया का सबसे पहला हेलीकाप्टर का अविष्कार Igor Sikorsky ने 14 सितंबर सन 1939 को किया था। जिसका नाम VS 300 था, जो की एक रोटर वाला प्रायोगिक हेलीकाप्टर था, जिसे सबसे पहले अमेरिका के स्ट्रैटफ़ोर्ड सिटी में उड़ाया गया था, जो की सिर्फ कुछ मिनट के लिए ही उड़ा था। इसके बाद Igor Sikorsky VS 300 Helicopter में कई चीजों को सुधारा, इसके बाद VS 300 हेलीकाप्टर ने 13 मई सन 1940 को कई उड़ाने पूरी की थी।

Igor Ivanovich Sikorsky एक Russian-American इंजीनियर थे। जिनका जन्म 25 मई सन 1889 को Kiev, Russian Empire में हुआ था, जो की वर्तमान में यूक्रेन में स्तिथ है। इगोर सिकोर्स्की ने हेलीकाप्टर की खोज पर 1910 से कार्य करना शुरू कर दिया था, जिसमे उन्हें पूरी तरह से सन 1940 में सफलता प्राप्त हुई थी। VS 300 की सफलता के बाद इगोर सिकोर्स्की ने Sikorsky R-4 हेलीकाप्टर का निर्माण किया था, Sikorsky R-4 दुनिया का पहला ऐसा हेलीकाप्टर था, जिसका निर्माण सबसे पड़े पैमाने पर बनाया गया था।

Sikorsky R-4 को बड़े पैमाने पर बनने के साथ साथ इसे अमेरिका वायु सेना को भी दिया था। अमेरिकी वायु सेना ने इस हेलीकाप्टर का उपयोग द्वितीय विश्व युद्ध के लिए किया था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सिकोर्स्की की कंपनी ने अमेरिकी सेना को कई अलग अलग तरह के हेलीकाप्टर बनाकर दिए थे। जिनका उपयोग अमेरिकी सेना ने राहत बचाव, कार्य और लोगो की खोज के लिए किया था। इस समय तक Sikorsky Company ने अमेरिकी सेना के लिए 400 से भी ज्यादा हेलीकाप्टर बना दिए थे।

आपको बता दें, की सन 1939 से पहले भी हेलीकाप्टर का आविष्कार किया जा चुका था। कुछ खोजकर्ताओं के अनुसार आज से लगभग 400 ईसा पूर्व पहले चीनी बच्चो ने हेलीकॉप्टर का आविष्कार किया था। जिसे बनने के लिए बांस की लकड़ियों का उपयोग किया गया था। जो की बिलकुल एक खिलोने की तरह दिखता था।

और उस समय यह उड़ान भरने में भी सक्षम था। लेकिन उस समय ज्यादा तकनिकी ना होने के कारण इसमें कुछ सुधार नहीं किये जा सकते है। जिस वजह से यह उसी समय समाप्त हो गया था। इसके बाद सन 1906 में Jacques और Louis Breguet जो की फ्रांस में रहने वाले दो भाई थे। इन्होने ने एक हेलीकाप्टर पर अपना प्रयोग शुरू किया। सन 1907 तक इन्होने Gyroplane No. 1 बनाया।

 

इस प्लेन को सबसे पहली बार 29 September 1907 को उड़ाया गया था। यह जमीं से सिर्फ 2 फिट की ऊंचाई तक ही उड़ पाया था। और फिर निचे आ गया था, इस हेलीकाप्टर को नियंत्रित नहीं किया जा सकता था, और ना चलाया जा सकता था। इसके बाद Gyroplane No. 1 में कुछ सुधार किये गए, जिससे की यह जमीन से 4.99 फीट ऊपर उड़ गया था।

इसके कुछ समय Jacques और Louis Breguet एक नए Version का हेलीकाप्टर तैयार किया जिसका नाम Gyroplane No.II था। जिसमे दो दो-ब्लेड वाले रोटर लगे थे, इसकी पंखुड़ियां भी स्थिर थी। जिसमे 41 kW (55 hp) रेनॉल्ट इंजन लगा हुआ था। यह हेलीकाप्टर 25.75 फीट ऊंचाई तक सफलतापूर्वक उड़ा था। लेकिन यह भारी लेंडिंग होने के कारण पूरी तरह से नष्ट हो गया था।

हेलीकॉप्टर के बारे में रोचक जानकारी (10 Interesting Facts About Helicopters in Hindi)

  1. हेलीकाप्टर अन्य विमान के की अपेक्षा ज्यादा फुर्तीले होते है, जिन्हे किसी भी दिशा में बहुत जल्दी घुमाया जा सकता है।

  2. हेलीकाप्टर की Lift and Thrust Spinning इनके रोटर्स द्वारा प्रदान की जाती है। हेलीकाप्टर के रोटर्स में आमतौर पर दो ब्लेड होते है, किसी किसी हेलीकाप्टर के रोटर्स में दो से ज्यादा ब्लेड भी होते है।

  3. हेलीकाप्टर में एक मुख्य रोटर्स के अलावा एक छोटा रोटर्स भी होता है। छोटा रोटर्स हेलीकाप्टर की पुंछ में लगा होता है, जिसका कार्य हेलीकाप्टर को विपरीत दिशा में जाने से रोकना होता है।

  4. हेलीकाप्टर की सबसे तेज Speed लगभग 400 किलोमीटर प्रतिघंटे की दर्ज की गयी है।

  5. एक हेलीकाप्टर को बिना लैंडिंग के सबसे ज्यादा 3562 किलोमीटर तक उड़ाया गया है।

  6. अगर किसी वजह से हेलीकॉप्टर का इंजन बंद हो जाता है, तो इसकी रोटर मशीन हेलीकाप्टर को बहुत धीरे धीरे जमीन पर लाता है।

  7. ऐसा माना जाता है, की पूरा दुनिया में लगभग 45000 से ज्यादा सैन्य हेलीकाप्टर मौजूद है।

  8. दुनिया का सबसे बड़ा हेलीकाप्टर Mi-26 है, जिसमे पायलट के अलावा पांच लोग और बैठ सकते है।

  9. हेलीकाप्टर शब्द का उपयोग सबसे पहले French Inventor Gustave De Ponton D’amécourt ने किया था। इन्होने ने हेलीकाप्टर शब्द का उपयोग अपने एक रोटरक्राफ्ट के लिए लिया था, जो की भाप से चलता था। हेलीकाप्टर शब्द का अनुवाद अंग्रेजी में ‘Spiral Copter’ के रूप में किया जाता है।

  10. हेलीकाप्टर को समुन्द्र और महासागरों के ऊपर भी उगाया जा सकता है। अगर इसमें अतिरिक्त ईंधन उपलब्ध हो जाए तो। आमतौर पर सैन्य हेलीकाप्टर जो समुद्र में उड़ता है, उनकी लैंडिंग के लिए समुन्द्र में Aircraft मौजूद होता है। जहाँ से हेलीकाप्टर में दुबारा ईंधन भरा जाता है।

Note – इस लेख में आपको बताया गया है, की हेलीकाप्टर का अविष्कार किसने किया और कब किया था। इसके अलावा इस लेख में आपको एरोप्लेन के आविष्कार के बारे में भी बताया गया है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा तो कृपया इस लेख को अपने एक दोस्त के साथ जरूर शेयर करें। पूरा लेख पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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