भारत में यातायात के नियम, चिन्ह, अर्थ India’s Traffic Rules Signs with meaning in Hindi

सड़क पर किसी भी प्रकार का सफर करने पर अक्सर यातायात के चिन्ह दिखते है। हम सभी को इनके अर्थों की जानकारी होनी आवश्यक है। इन ट्रैफिक चिन्हों में से कुछ के बारे में सभी को ज्ञान भी होता है। नागरिकों के विकास एवं सुरक्षा के लिए अच्छा यातायात साधन होना अति-आवश्यक है।

लोगों को अपने कार्य करने के लिए बेहतर यातायात सुविधा की जरुरत होती है। इसी काम के लिए हर देश अपने यहाँ पर यातायात के नियम, चिन्ह तैयार करते है जिनके अर्थ को सही प्रकार से जान लेना चाहिए।

यातायात के नियम सांकेतिक चिन्ह

सरकार के लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय है कि देश के ज्यादातर नागरिक यातायात के नियमों के बारे में बहुत अल्प जानकारी रखते है। जो लोग थोड़ी जानकारी रखते भी है वो इनका पालन करने की जररत जरुरत नहीं समझते है। इसका सबसे बुरा परिणाम यह होता है कि अक्सर न्यूज़ पेपर्स एवं टीवी-इंटरनेट चैनल पर गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की खबरे देखने को मिलती है।

हमारे देश में लोग यातायात के नियमो को तोड़ते रहते है। ऐसे लोग को याद रखना चाहिए कि इन नियमों के उल्लंघन में किसी भी प्रकार की वीरता नहीं है। यह नियम तो नागरिकों की जिंदगी को ज्यादा आसान एवं सुरक्षा देने के लिए है।

भारत में यातायात के नियम

देश के मूलभूत यातायात नियमो की जानकारी रखनी चाहिए। चूँकि सड़क पर यात्रा या फिर गाडी चलाने के दौरान सड़क के मौलिक नियमों को जान लेना चाहिए। बेसिक ट्रैफिक नियम यह है –

  • सड़क पर ड्राइविंग करने का सबसे पहला नियम यह है कि आपने ड्राइविंग करते समय अपनी सीट बेल्ट या हेलमेट को अच्छे से पहनना है। यह चालान से तो बचाएगा साथ ही इससे दुर्घटना के समय सुरक्षा भी मिलेगी।
  • भीड़भाड़ वाले स्थान पर हल्की स्पीड में गाडी चलाएं और चौराह/ मोड़ आने पर भी गाडी की गति को हल्का कर लें।
  • गाडी को पार्किंग में अच्छे से खड़ी करें। किसी व्यक्ति को अपनी गाड़ी निकालने में कोई असुविधा न हो।
  • अपनी गाडी को पार्किंग क्षेत्र में कभी खड़ी नहीं करें। ऐसा करना से समस्या या फिर चालान हो सकता है।
  • कही पर थोड़ा सा जाम लग जाने पर बेवजह हॉर्न ना बजाये। ज्यादा हॉर्न बजाने से कभी भी जाम कम नहीं होता और बेवजह का ध्वनि प्रदुषण पैदा होता है।
  • जाम में गाडी फसने पर थोड़ा धीरज रखें और हड़बड़ी से पेश ना आये।
  • सड़क पर कोई भी वाहन चलाते समय दूसरे वाहन से रेस ना लगाए। सड़क पर रेस करने से आपको एवं दूसरे लोगों को जान-माल का खतरा हो सकता है और कोई जानलेवा दुर्घटना भी हो सकती है।
  • सड़क पर अपनी गाड़ी को मोड़ने के लिए गलत साइड पर ना जाएँ। यह आपको काफी नुकसान भी पहुँचा सकता है। ऐसी स्थिति में आप कुछ दूरी पर जाकर गाडी को मोड़कर ला सकते है।
  • यदि कही पर जाम की स्थिति में सामने की सभी गाड़ियाँ एक लेन में चल रही है तो अपनी लेन में बने रहना है।
  • यदि कही जाते समय सड़क खाली मिल जाए तो अपनी गाडी की स्पीड को तेज़ न करें। यदि किसी मोड़ से अचानक कोई बच्चा, जानवर या फिर अन्य वाहन सामने आ गया तो दुर्घटना हो सकती है।
  • यदि सड़क पर आपसे पीछे कोई एम्बुलेन्स आ रही है तो किनारे होकर उसको रास्ता जरूर दें।
  • इन सभी यातायात के नियमों को पालन करने के साथ कुछ अन्य यातायात के बेसिक रूल भी जान लें। गाड़ी चलाने के दौरान हमेशा अपना ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखना है और गाडी से जुड़े सभी दस्तावेज अपने साथ लेकर चले।
  • ध्यान रखें कि जो भी दस्तावेज़ एक्सपायर हो गया हो तो उसका नवीनीकरण करवा लें।

देश के प्रमुख यातायात संकेत

सड़क पर ड्राइविंग करते समय ट्रैफिक के सभी सिग्नलों का पालन करना बहुत अनिवार्य होता है। सभी वाहन चालकों को यातायात के तीन प्रमुख संकेत के अर्थ को याद रखना चाहिए। ये तीन संकेत विभिन्न रंगों के रूप से दर्शाएँ जाते है। ये तीन रंगों के ट्रैफिक सिग्नल शहर के चौराहो पर हमेशा कार्य करते दिखेंगे। इन प्रमुख रंगों के ट्रैफिक संकेतों का अर्थ विस्तार से समझ लें –

लाल रंग का संकेत

ट्रैफिक के संकेतों में सबसे पहले संकेत को समझना चाहिए चूँकि ज्यादातर लोग इसी को तोड़ने के लिए चालान भरते दिखते है। ध्यान रखें कि जब भी किसी चौराहे या मोड़ पर ट्रैफिक सिग्नल की लाल लाइट जलती हुई दिखाई दे तो अपने गाडी को रोकना है।

पीला रंग का संकेत

यदि ट्रैफिक सिग्नल पर पीले रंग की लाइट जलती दिखाई दे तो समझ जाए कि अब अगले काम के लिए सिग्नल मिलने वाला है। सरल शब्दों में कहे तो यह सिग्नल इंतज़ार करने का संकेत है। पीले संकेत के बाद आपको लाल या फिर हरा संकेत मिलेगा।

हरे रंग का संकेत

ट्रैफिक सिग्नल पर हरे रंग का संकेत यह बताता है कि अब चलना है। ध्यान रखे कि जिस प्रकार से लाल संकेत मिलने पर आपको हर स्थित में अपने वाहन को रोकना है उसी प्रकार हरा सिग्नल हो जाने पर आपको सड़क पर वाहन को खड़ा नहीं रखना है।

हमेशा ध्यान रखें हर नागरिक और वाहन चालाक को प्रत्येक स्थिति में इन ट्रैफिक संकेतों का पालन करना जरुरी है। इनके पालन से ही यातायात सरल एवं सुरक्षित हो सकेगा।

भारत के यातायात संकेत चिन्ह के नाम

यातायात चिन्ह के प्रकार

वाहन चालकों के लिए मार्ग के किनारे तीन प्रकार के चिन्ह लगे मिलते है। यह सभी इस प्रकार से है –

  • आदेशात्मक सड़क चिन्ह (Mandatory Road Signs) – ऐसे सड़क चिन्हों की यह पहचान है कि ये लाल रंग के गोले के अंदर वर्णित होते है। ऐसे चालक को दिया जाने वाला आदेश इस लाल गोले के अंदर चित्रित रहता है। आदेशात्मक सड़क चिन्ह को अनदेखा करना वाहन चालक को समस्या अथवा जुर्माने का सामना करवा सकता है।
  • सचेतक सड़क चिन्ह (Cautionary Road Signs) – ऐसे चिन्ह बोर्ड मार्ग में चालक को जरुरी बातें एवं खतरों के बारे में जानकारी देने के लिए बनाया जाता है। सभी वाहन चालकों को इन चिन्हों को समझना एवं फॉलो करना चाहिए। यह चिन्ह सही निर्देश और सूचना देते है। ऐसा कहते है कि सुरक्षा केवल एक नारा नहीं है बल्कि यह जीने का तरीका है।

वन वे

इस चिन्ह के नाम से ही पता चल रहा है कि इस रोड पर एक ओर ही गाड़ी चला सकते है। ये तीर एक विपरीत की विपरीत दिशा में गाडी चलाने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी चालक के विपरीत दिशा में गाडी चलाने पर दूसरे गाड़ी सवारों को परेशानी होगी अथवा कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

यदि पुलिस सिपाही ने किसी ड्राइवर को विपरीत दिशा में गाडी चलाते हुए पकड़ लिया तो चलाना शुल्क देना पड़ सकता है।

India’s Traffic Rules Signs - One Way Road Sign

नो पार्किंग

ऐसे चिन्ह का बोर्ड अक्सर बहुत सी जगहो पर दीखता है। जहाँ भी ऐसा निशान होगा इसका अर्थ है कि यहाँ पर अपनी गाडी को खड़ा नहीं करना है। यदि कोई चालाक अपना वाहन यहाँ खड़ा करेगा तो उसे दण्डित भी किया जा सकता है।

India’s Traffic Rules Signs - no parking

ओवरटेक नहीं करें

कुछ मार्ग ऐसे होते है जहाँ जगह कम होती है अथवा जहाँ पर अधिक भीड़ होती है। ऐसे मार्गों पर ओवरटेक ना करने का चिन्ह लगा होता है। यह निशान देखने के बाद आपको किसी भी गाडी को ओवरटेक नहीं करना है।

वाहन चालक को बस अपनी लेन में सीधे ही गाड़ी को चलाते रहना होगा। यदि कोई भी चालक ओवरटेक करने की कोशिश करता है तो उसे और दूसरे चालक को जान-माल को हानि हो सकती है।

India’s Traffic Rules signs - overtake prohibit sign

हॉर्न ना बजाए

हमारे देश में बहुत से वाहन चालकों को थोड़े से भी भीड़-भाड़ वाली जगह पर ज्यादा बार अथवा लम्बे हॉर्न बजाते देखा जा सकता है। ऐसे में उस स्थान पर अन्य लोगों को बहुत परेशानी होती है। कही पर भी लगातार और बार-बार हॉर्न बजाने से जाम से मुक्ति तो नहीं मिलती है अपितु व्यर्थ का ध्वनि प्रदुषण पैदा हो जाता है।

India’s Traffic Rules Signs - don't blow the horn

यु टर्न नहीं लेना है

बहुत से गाडी चालक सड़क पर वाहन चलाते समय अचानक से गाडी को विपरीत दिशा में मोड़ लेते है। ऐसा करना उनकी एवं दूसरी गाड़ियों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसकी वजह यह है कि उस मार्ग पर आने वाली दूसरी गाड़ियाँ उस गाडी से टकरा जाएगी। यदि गाडी को मोड़ना हो तो किसी अन्य अण्डरपास अथवा डिवाइडर में मौजूद खाली स्थान से गाडी को मोड़ना है।

India’s Traffic Rules Signs - Uturn Prohibited

अपनी लेन में गाडी चलाए

ऐसे बोर्ड किसी मार्ग पर दिखने पर यह ध्यान रखना होगा कि अपनी गाडी को चलाते समय तय लेन को नहीं तोडना है। इसका यह अर्थ हुआ कि अपनी गाडी को सीधी दिशा में चलाते रहना है और अपनी लेन से गाडी को दूसरी लेन में नहीं ले जाना है। ऐसा करने पर चालान भी देना पड़ सकता है या फिर कोई दुर्घटना भी हो सकती है।

India’s Traffic Rules Signs - prohibit-changing lane

नो एंट्री

इस रोड चिन्ह का अर्थ यह है कि अपने वाहन को यहाँ से आगे नहीं ले जाना है। यह जगह वाहनों के लिए प्रतिबंधित है और अपना वाहन ले जाने वाले व्यक्ति को चालान भी देना पड़ सकता है। यह चिन्ह अक्सर तब दिखता है जब सड़क पर कोई कार्य हो रहा हो अथवा किसी प्रकार की बाधा मार्ग पर उत्पन्न हो गयी हो।

इस चिन्ह को देखने के बाद तुरंत ही सावधान होना चाहिए और अपने वाहन को उस दिशा में नहीं ले जाना चाहिए।

India’s Traffic Rules signs - no entry

वाहन गति नियम

कुछ सड़को पर वाहन की गति की अधिकतम सीमा को दर्शाने वाले चिन्ह बोर्ड दिख जायेंगे। इन चिन्हो पर एक गाडी स्पीड नंबर जैसे 30, 40, और 50 लिखी होती है। इन नम्बरों का अर्थ है कि किसी भी वाहन चालक को अपनी गाडी की स्पीड इन दर्शाये गए नंबर की प्रति घण्टा स्पीड से अधिक नहीं करनी है।

ऐसे साइन बोर्ड स्कूल, हॉस्पिटल एवं भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूर मिल जायेंगे।

India’s Traffic Rules Signs - Speed Limit

ट्रैफिक लेन नियम

राजमार्ग अथवा किसी अन्य मार्ग पर 3 से 4 लेन देखने को मिल जाएगी। रोड पर चलते समय हमेशा एक ही लेन में गाडी चलानी है। अपनी लेन को नहीं बदलना है। ऐसा करने से अपने अथवा दूसरे वाहनों को नुकसान हो सकता है। यदि लेन बदलने की जरुरत पड़ जाती है तो इंडिकेटर अवश्य दिखाना चाहिए। इससे पीछे से आ रहे चालक सतर्क हो जायेंगे।

पशु चिन्ह

देश के राजमार्ग पर अक्सर जंगल अथवा अभयारण्य वाले स्थानों पर इस प्रकार के पशु चिन्ह देखने को मिल जायेंगे। इस प्रकार के चिन्हो को देखने के बाद वाहन चालक को काफी सचेत हो जाना चाहिए। चूँकि जो भी जानवर सड़क पर मिलेंगे उनमें यह समझ नहीं होती है कि सड़क पर किस प्रकार से व्यवहार करना है। ऐसे में गाडी को हल्की गति में चलाते हुए जानवरों से बचकर बढ़ना होगा।

India’s Traffic Rules Signs - Animal Road Traffic Sign

बैल गाडी प्रतिबंधित है

हमारे देश में बहुत से राजमार्ग अथवा सामान्य मार्ग कुछ ग्रामीण इलाको से होकर जाते है। वहाँ पर अक्सर लोगों को बैलगाडी चलाते देखा जाता है। यदि किसी मार्ग पर ऐसा चिन्ह है तो इसका स्पष्ट अर्थ है कि यहाँ पर बैल गाडी को नहीं लेकर जाना है। ऐसा करना दूसरे वाहन चालकों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

India’s Traffic Rules Signs - Bullock Cart, Hand Car Prohibited

पत्थर गिर सकते है

बहुत से मार्ग पहाड़ो के बीच अथवा एकदम सटकर गुजरते है। इस प्रकार के रास्तों पर बारिश के मौसम में अथवा आम दिनों में भी पहाड़ से पत्थर टूटकर गिरते रहते है। ये छोटे-बड़े आकार से पत्थर वाहन को तो नुक़सान पहुँचाते है साथ ही बहुत बार गाडी में मौजूद यात्रियों को भी भयंकर हानि पहुँचा देते है।

India’s Traffic Rules Signs - rock falling sign

वाहन चलाते समय याद रखने योग्य बातें

वाहन की गति को नियंत्रित रखें

सड़क पर वाहन चलाते समय सर्वाधिक ध्यान रखने वाली बात यह है कि वाहन की स्पीड को एक सीमा से अधिक नहीं होने देना है। ऐसा न करने पर गहरे संकट में आ सकते है। तेज़ी की वजह से सड़क पर कोई भी व्यक्ति अथवा जानवर चोटिल अथवा मर भी सकता है।

बहुत से रास्तों पर बोर्ड पर 30 से 40 अंक लिखें मिलते है। इससे यह बताते का प्रयास होता है कि अपने वाहन को इस गति सीमा से तेज़ नहीं चलाना है। लेकिन सड़क पर ड्राइविंग करने वाले लोग ज्यादातर इस बात को लेकर लाहपरवाह ही दिखते है। इस बात का अंतिम परिणाम यह होता है कि हमें अक्सर तेज़ गति के वाहनों की खबर अथवा दृश्य देखने को मिलते रहते है।

ट्रैफिक सिग्नल को हमेशा माने

अधिक भीड़भाड़ का सामना करने वाले मार्गों पर प्रशासन द्वारा ट्रैफिक सिग्नल का इंतज़ाम किया जाता है। यह सड़क पर वाहन चालकों को बिना किसी बाधा के अपने मार्ग पर जाने की सुविधा देते है। किन्तु ज्यादातर लोग इन ट्रैफिक सिग्नल को तोड़ने का मौका देखते रहते है।

इसका यह परिणाम होता है कि गलत दिशा में ड्राइविंग करते समय एक गाडी चालक अपने और दूसरे को दुर्घटनाग्रस्त कर लेता है। बहुत बार तो यह टक्कर इतनी भयंकर होती है कि चालक गंभीर रूप से घायल हो जाता है अथवा हॉस्पिटल में एडमिट तक होना पड़ता है। याद रखे ट्रैफिक सिग्नल को ना मानना आपको बड़ी विपदा में डाल सकता है।

भारत में यातायात के नियम, चिन्ह, अर्थ से जुड़े प्रश्न

यातायात नियम क्या होते है?

सड़क पर यात्रा के दौरान वाहन चालक के लिए कुछ यातायात नियम तय किये गए है। इनका पालन करना देश के प्रत्येक नागरिक के लिए जरुरी होता है। यह नियम सड़क पर यातायात की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए तैयार किये गए है।

यातायात के बेसिक नियम क्या है?

यात्रा करने के दौरान कुछ जरुरी नियम याद रखने चाहिए जैसे – हमेशा अपनी सीट बेल्ट अच्छे से बाँधे या फिर हेलमेट का प्रयोग करें। सड़क पर बायीं ओर ड्राइविंग करें और अपना ड्राइविंग लाइसेंस एवं गाडी से सम्बंधित जरुरी दस्तावेज साथ में रखें।

यातायात के नियमों का पालन क्या जरुरी है?

सड़क पर वाहनों के सुचारु आवागमन के लिए, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए और सड़क पर सभी लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए यातायात के नियमो का होना एवं पालन किया जाना अति आवश्यक है।

यातायात के नियम एवं संकेत चिन्ह क्या है?

सड़क, चौराहों एवं मोड़ों पर मौजूद यातायात संकेत (ट्रैफिक सिग्नल) और सड़क संकेत (रोड साइन) इत्यादि सड़क पर ड्राइविंग करने वाले लोगों को सूचना/ आदेश देते है।

यात्रा के समय अधिक बार हॉर्न क्यों न बजाये?

यदि आपका वाहन किसी ऐसे स्थान पर है जहाँ जाम की स्थिति पैदा हो गयी है तो आपको बार-बार अथवा ऊँचे हॉर्न को बजाकर अन्य चालकों तो परेशान नहीं करना है। इससे गाड़ियों का जाम तो नहीं खुलेगा बल्कि ध्वनि प्रदूषण की समस्या और पैदा हो जाएगी।

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *