कुवैती दिनार किस देश की करेंसी है

 

 

 

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क्या आप जानते है, कुवैती दिनार किस देश की करेंसी है? अगर नहीं तो आज हम इस लेख में कुवैती दिनार के बारे में ही बात करेंगे। हालाकिं यह एक सामान्य प्रश्न है, लेकिन कई लोग इसके बारे में नहीं जानते है। आज हम इस लेख में कुवैती दिनार के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारियां आपके साथ साझा करेंगे। तो आइये जानते है, की कुवैती दिनार किस देश की करेंसी है –

 

कुवैती दिनार किस देश की करेंसी है?

कुवैती दिनार कुवैत देश की करेंसी जो की एक बहुत मजबूत मुद्रा के रूप में जानी जाती है। दीनार को सन 1961 में गल्फ रूपये के स्थान पर जारी किया गया था। शुरूआती दौर में एक दीनार की कीमत एक पाउंड स्टर्लिंग के बराबर थी। क्योकिं उस समय एक रूपये की कीमत एक शिलिंग 6 पेंस रखी गयी थी। इसके अनुसार एक दीनार बराबर 13⅓ रूपये हुआ करता था। लेकिन सन 1990 में कुवैत पर इराक द्वारा कब्ज़ा कर लिया गया था, इसके बाद कुवैत में कुवैती दिनार की जगह पर इराकी दीनार को जारी किया गया। जब कुवैत पूरी तरह से स्वतंत्र हो गया तो फिर से कुवैत में कुवैती दिनार को जारी किया गया।

दीनार के बारे में अन्य जानकारी

वर्तमान समय में कई देशो की मुद्रा का नाम दीनार है, जिसमे कुवैती दीनार, इराकी दीनार आदि शामिल है। भारतवर्ष में मुसलमानो के शासन से पहले से ही दीनार चलता आ रहा है। दीनार नाम के सिक्के का प्रचार पुराने समय में एशिया और यूरोप के भागो में भुगत ज्यादा हुआ करता था। दीनार करेंसी कहीं पर सोने की हुआ करती थी, तो कहीं पर चांदी की। जिस तरह से भारत में दीनार के सिक्के प्रचलित थे, उसी तरह से अरब और फारस में भी दीनार के सिक्के प्रचलित थे।

 

इसके अलावा रोमन लोगो में भी इस सिक्के का प्रचलन था, इसे रोमन लोगो के बिच दिनारियस के नाम से जाना जाता था। धात्वर्थ पर ध्यान देने से ऐसा प्रतीत होता है, जैसे की दीनार शब्द आर्यभाषा से आया है। लेकिन इसमें एक बड़ा सवाल यह है, की दीनार सिक्का भारत से फारस, अरब होते हुए, रोम तक गया। अगर पुराने ग्रंथों, और हरिवंश आदि की प्राचीनता के अनुसार इसे स्वीकार किया जाए, तो दीनार को भारत का ही मानना पड़ेगा। Source:

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